रांची, 29 नवंबर, 2025 : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) द्वारा रांची विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर सत्र 2025-27 की नामांकन प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने और लंबित पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2024 आयोजित करने की मांग को लेकर कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा. मालूम हो कि सत्र सही समय से नहीं चल पाने के कारण शैक्षणिक कार्य पूरी तरह से बाधित है.
आइसा रांची जिला सचिव संजना मेहता ने बताया कि विश्वविद्यालय में सत्र समय पर प्रारंभ न होने से न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा, बल्कि विद्यार्थियों के शोध, करियर निर्माण और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं. राज्य के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक होने के कारण रांची विश्वविद्यालय से विद्यार्थियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी शैक्षणिक प्रक्रियाओं की अपेक्षा रहती है. प्रवेश प्रक्रिया में देरी से छात्रों के बीच असमंजस और मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है. रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2024 से संबंधित किसी भी प्रकार की आधिकारिक अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई है. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 2374 छात्रों ने आवेदन किया है तथा 47.48 लाख रुपये शुल्क के रूप में जमा किए हैं. परीक्षा की प्रक्रिया में अत्यधिक विलंब होने के कारण शोध कार्य के इच्छुक इन सभी अभ्यर्थियों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. पीएचडी प्रवेश परीक्षा को हटाकर यूजीसी नेट, गैट या अन्य माध्यमों से नामांकन लेने पर विचार हो रहा है, जो सीधे-सीधे विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर हमला है. इससे झारखंड के आदिवासी और वंचित समुदायों के छात्रा पीएचडी में नामांकन लेने से वंचित होंगे और राज्य से बाहर के छात्रों का शोध कार्य में दबदबा बढ़ेगा. मौके पर आइसा राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ भी उपस्थित थे.