वर्ष 35 / अंक - 02 / भाकपा(माले) का 9वां आंध्र प्रदेश राज्य सम्मेलन

भाकपा(माले) का 9वां आंध्र प्रदेश राज्य सम्मेलन

भाकपा(माले) का 9वां आंध्र प्रदेश राज्य सम्मेलन

भाकपा(माले) की आंध्र प्रदेश इकाई का 9वां राज्य सम्मेलन 6 और 7 दिसंबर 2025 को कडप्पा में दो दिवसीय सत्र के बाद 7 दिसंबर को संपन्न हुआ. कडप्पा नगर को कॉमरेड सत्तार के नाम से नामित किया गया था तथा सम्मेलन हॉल का नाम कॉमरेड शेषाग्री राव और मंच का नाम कॉमरेड पी.वी. रमन्ना रेड्डी के नाम पर रखा गया था.

दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत कडप्पा नगर में आयोजित एक विशाल रैली के साथ हुई, जिसका नेतृत्व पार्टी के महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने किया. रैली में पोलिट ब्यूरो सदस्य एवं वरिष्ठ नेता कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य, पोलिट ब्यूरो सदस्य एवं आंध्र प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी कॉमरेड वी. शंकर, सम्मेलन के केंद्रीय पर्यवेक्षक कॉमरेड चंद्र मोहन, केन्द्रीय कमेटी सदस्य एवं तेलंगाना राज्य पार्टी के प्रभारी कॉमरेड मूर्ति, तेलंगाना राज्य सचिव कॉमरेड रमेशराजा, आंध्र प्रदेश राज्य सचिव कॉमरेड बंगार राव, केन्द्रीय कमेटी सदस्य कॉमरेड नागमणि तथा राज्य के अन्य नेता भी शामिल हुए. पार्टी नेताओं ने महापरिनिर्वाण दिवस की पूर्व संध्या पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की.

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कॉमरेड दीपंकर ने कहा कि पार्टी ने सामंती-विरोधी संघर्ष को अपनी प्रमुख कड़ी के रूप में अपनाया. भारत आज भी मुख्यतः ग्रामीण और कृषि-प्रधान देश है, और उत्पीड़ित ग्रामीण गरीबों, भूमिहीनों तथा सीमांत किसानों का उभार ही कम्युनिस्ट आंदोलन का मुख्य सामाजिक आधार और प्रमुख कार्यक्षेत्र रहा है. यही कार्य हमने बिहार में और आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु के कुछ हिस्सों सहित अन्य क्षेत्रों में किया. हमारे कार्यक्षेत्र मूलतः वे क्षेत्र हैं जो सामंतवाद-विरोधी और भूमि संघर्षों के माध्यम से विकसित हुए हैं, और यही पार्टी की मुख्य शक्ति का स्रोत हैं. इन्हीं संघर्षों के आधार पर हमने एक अखिल भारतीय पार्टी का निर्माण किया, जो छात्रों, युवाओं, संस्कृतिकर्मियों, राज्य सरकार के कर्मचारियों, रेलवे, संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, महिलाओं, आदिवासियों, स्वायत्तता आंदोलनों सहित हर मोर्चे पर काम करती है. सिद्धांत और व्यवहार, स्थानीय और राष्ट्रीय, वर्तमान और भविष्य – इन सबका यह संयोजन ही हमारी सफलता की कहानी है.

उन्होंने आगे कहा, “आज जब हम फासीवाद की बात करते हैं तो हमें इसके संबंध को समझना होगा. हमारा सामंतवाद विरोधी संघर्ष आज फासीवाद विरोधी प्रतिरोध में विकसित हो चुका है. जिन सामंती ताकतों को राजनीतिक और सामाजिक रूप से पराजित किया गया था और जिन्हें पीछे धकेला गया था, वे इस नए फासीवादी दौर में फिर से लौटने की कोशिश कर रही हैं. जब आप बुलडोजरों को काम करते देखते हैं, तो वे सिर्फ किसी अधिकारी या जिला प्रशासन के नहीं होते, बल्कि वे स्थानीय सामंती ताकतें होती हैं जो जमीन चाहती हैं और गरीबों को बेदखल करना चाहती हैं. मूलतः वे सामंती ताकतें, जिन्हें स्थानीय स्तर पर हार का सामना करना पड़ा, अब राज्य और फासीवादी आक्रमण की मदद से दो कदम आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं. ऐसे फासीवाद-विरोधी प्रतिरोध को मजबूत करने के लिए हम अपनी पार्टी को भी मजबूत कर रहे हैं और साथ ही विभिन्न प्रकार के संयुक्त मोर्चा प्रयोगों को विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं.”

अपने समापन वक्तव्य में उन्होंने कहा, “मुझे आशा है कि यह नौवां राज्य सम्मेलन आंध्र प्रदेश के हर जिले में एक अधिक मजबूत, अधिक व्यापक, अधिक गतिशील और अधिक सक्रिय भाकपा ;मालेद्ध के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा तथा हमारे पुराने सभी आधारों को बनाए रखते हुए जनाधार का विस्तार करेगा. यह विस्तार का समय है, गतिशीलता का समय है, अधिक एकता और अधिक संघर्ष का समय है.”

रैली के बाद आयोजित खुले सत्र को वामपंथी दलों के अतिथियों ने संबोधित किया, जिनमें सीपीआई(एम) के राज्य सचिव कॉमरेड वी. श्रीनिवास राव और सीपीआई के राज्य सचिव कॉमरेड जी. ईश्वरैया शामिल थे. भाकपा(माले) की राज्य कमेटी के सदस्य भी मंच पर उपस्थित रहे. सत्र की अध्यक्षता कॉमरेड बी. बंगार राव ने की, उदय किरण ने संचालन किया और जिला सचिव ओबैया ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया. कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने सम्मेलन का उद्घाटन भाषण दिया. इस मौके पर कॉमरेड दीपंकर द्वारा कॉमरेड विनोद मिश्रा के चयनित लेखों के तेलुगु संस्करण का लोकार्पण भी किया गया. प्रकाशक रमणामूर्ति ने प्रकाशन का परिचय प्रस्तुत किया.

प्रतिनिधि सत्र 6 दिसंबर की दोपहर प्रारंभ हुआ. सम्मेलन ने कॉमरेड मल्लेश्वर राव, डी. हरिनाथ, नागमणि, अरुणा, रामदेव, भास्कर राव, अर्जुन राव, वेंकटेश्वरालु और चिन्नैया को शामिल करते हुए 9 सदस्यीय अध्यक्षमंडल का गठन किया गया. 5 सदस्यीय संचालन समिति का भी गठन किया गया. प्रतिनिधि सत्र की शुरुआत राज्य के दिवंगत नेताओं और पिछले चार वर्षों में शहीद हुए अन्य नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई. निवर्तमान राज्य कमेटी के सचिव कॉमरेड बंगार राव ने आंध्र प्रदेश में पार्टी के विकास और भविष्य की कार्ययोजना के विस्तृत खाके के साथ कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की. कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य ने सम्मेलन को शुभकामना संदेश दिया.

सम्मेलन में 39 सदस्यीय राज्य कमेटी का चुनाव किया गया और कॉमरेड बी. बंगार राव को पुनः राज्य सचिव चुना गया. पर्यवेक्षकों और अतिथियों सहित कुल 329 प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में भाग लिया, जिनमें 30 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधि महिलाएं थीं.

पोलिट ब्यूरो सदस्य कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य ने अपने विशेष संबोधन में पार्टी में शामिल होने वाले नए साथियों का स्वागत किया. उन्होंने पूरी पार्टी से आह्वान किया कि वे इस अवसर की गंभीरता को समझें और भाकपा(माले) लिबरेशन को राज्य में क्रांतिकारी आंदोलन का केंद्र बनाएं. उन्होंने आशा व्यक्त की कि युवाओं और छात्रों के संगठन में आने से पार्टी फासीवादी ताकतों की साजिशों को नाकाम करने के लिए तैयार हो सकेगी. उन्होंने साथियों से राज्य में व्यापक जनाधार के साथ एक एकजुट और मजबूत पार्टी के निर्माण का आह्वान किया.

राज्य के पार्टी प्रभारी कॉमरेड वी. शंकर ने समापन भाषण दिया. उन्होंने जनता के संघर्षों की लहरें खड़ी करने, जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने तथा भूमि, मजदूरी, आवास, कर्ज से मुक्ति जैसे जनमुद्दों पर जिला स्तरीय संघर्ष संगठित करने का आह्वान किया. उन्होंने नव-निर्वाचित राज्य कमेटी से विधानसभा के अगले बजट सत्र में ‘चलो विजयवाड़ा’ रैली की तैयारी करने की अपील की. उन्होंने प्रतिनिधियों से आंध्र की धरती से सांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेंकने, कॉरपोरेट-समर्थक चंद्रबाबू नायडू और टीडीपी को सत्ता के गलियारों से हटाने तथा आंध्र प्रदेश के धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील मूल्यों व संस्कृति के विरुद्ध सनातन धर्म का प्रचार करने वाले पवन कल्याण को उचित सबक सिखाने के लिए काम करने का आह्वान किया.


10 January, 2026