मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में सामूहिक अनशन पर दर्जनों किसान
बागमती नदी पर विनाशकारी तटबंध निर्माण के कारण सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और समस्तीपुर के 120 गांव बांध के भीतर आ जायेंगे जिसके कारण हजारों लोगों को विस्थापित होना पडे़गा. इससे हजारों एकड़ खेती की जमीन बर्बाद हो जायेगी. इस क्षेत्र के लोग और किसान बागमती नदी पर बांध निर्माण को विनाशकारी मानते हैं. इससे बाढ़ नियंत्रण तो नहीं हो पायेगा बल्कि बाढ़ का संकट और बढ़ जायेगा. बांध निर्माण पर रोक लगाने के लिए ‘चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा’ के नेतृत्व में दसियों साल से आंदोलन जारी है.
इस दौरान कई बार सत्याग्रह और अनशन, जनमार्च व जनसभा, चक्का जाम, प्रखंड व जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन, विधानसभा के समझ प्रदर्शन सहित महा जनपंचायत और पटना में नदी विशेषज्ञों और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित हुआ है, जिसमें हजारों लोगों की भागीदारी होती रही है. अंततः जनआंदोलनों के दबाव और नदी विशेषज्ञों की सलाह पर नीतीश सरकार ने 2017 में नदी विशेषज्ञों व अभियंताओं की एक रिव्यू कमिटी गठित की और घोषणा की कि रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने तक बागमती पर तटबंध निर्माण का काम नहीं होगा. रिव्यू कमिटी में प्रसिद्ध नदी विशेषज्ञ दिनेश मिश्र, आईआईटी कानपुर भूविभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव सिन्हा, गंगा बाढ़ नियंत्रण सेवा आयोग के पूर्व निदेशक सच्चिदानंद तिवारी व एलपी सिन्हा, गंगा मुक्ति आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक अनिल प्रकाश, असैनिक अभियंत्रण विभाग के ओमप्रकाश, एमआईटी पटना के डॉ. रामाकार झा शामिल थे. रिव्यू कमिटी के अध्यक्ष सेवानिवृत मुख्य अभियंता उमाशंकर सिंह बनाये गए थे. लेकिन आठ साल बीतने के बावजूद सरकार की ओर से रिव्यू कमिटी को न किसी तरह का संसाधन मुहैया कराया गया और न ही कोई निर्देश दिया गया. लेकिन बीच-बीच में जबरन तटबंध निर्माण का काम शुरू करवा दिया जाता है और आंदोलनकारियों को फर्जी मुकदमा में फंसा दिया जाता है.
फिलहाल, फिर से पुलिस बल नियुक्त कर काम शुरू करवा दिया गया है. लेकिन बागमती क्षेत्र के लोगों ने निर्माण स्थल पर जाकर विरोध किया और काम रूकवा दिया है. फिर से बांध निर्माण जबरन शुरू करवाने के खिलाफ चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर जिला के गायघाट प्रखंड के बेनीबाद में 16 फरवरी से सामूहिक अनशन शुरू कर दिया गया है. अनशन स्थल पर रोज सैकडों लोगों का जमावडा़ और सभा जारी है.
अनशन व सभा के द्वारा बागमती क्षेत्र की जनता सरकार को आगाह कर रही है कि सरकार द्वारा गठित रिव्यू कमिटी को कारगर बनाया जाए. तटबंध निर्माण के संबंध में रिव्यू कमिटी बागमती क्षेत्र की जनता से मिलकर विचार-विमर्श करे और रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करे. इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार विनाशकारी तटबंध निर्माण के बारे में निर्णय ले. जबतक रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट नहीं आती है आगे निर्माण के काम पर रोक लगा रहे.
सरकार से उनकी मांग है कि रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने तक तटबंध निर्माण पर सख्ती से रोक लगे, रिव्यू कमिटी को संसाधन मुहैया कराया जाए, रिव्यू कमिटी में बागमती संघर्ष मोर्चा के भी प्रतिनिधि भी शामिल हों, तटबंध से विस्थापितों के पुनर्वास की गारंटी हो और अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दिया जाए, बाढ़ नियंत्रण के लिए जल निकासी की कारगर व्यवस्था हो और नदी पर पर्याप्त संख्या में पुल का निर्माण किया जाए.