वर्ष 35 / अंक - 08 / राज्य दमन के खिलाफ न्याय की जीत : का. राजाराम सिंह...

राज्य दमन के खिलाफ न्याय की जीत : का. राजाराम सिंह सहित सभी बरी

राज्य दमन के खिलाफ न्याय की जीत : का. राजाराम सिंह सहित सभी बरी

विगत 16 फरवरी 2026 को काराकाट से पार्टी के सांसद का. राजा राम सिंह सहित औरंगाबाद कांड के सभी आरोपियों की एमपी/एमएलए न्यायालय द्वारा बरी कर दिया गया. ज्ञात हो कि छोटू कुशवाहा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 2 मई 2012 को औरंगाबाद में एक विशाल जनप्रदर्शन आयोजित किया गया था. उस शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर प्रशासन ने न केवल बर्बर दमन किया था और बल्कि उल्टे का. राजा राम सिंह सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मनगढ़ंत मुकदमे थोपकर जेल भेज दिया था.

तथाकथित ‘सुशासन’ के दौर में यह पुलिसिया दमन का चरम उदाहरण था. इस मामले में 2017 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी बिहार सरकार को दोषी मानते हुए जुर्माना लगाया था. अब न्यायालय के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आंदोलनकारी नेताओं पर लगाए गए आरोप निराधार थे. भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि का. राजा राम सिंह समेत अन्य को बरी किए जाने को न्याय की जीत कहा है. उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य दमन के खिलाफ न्याय की महत्वपूर्ण जीत है. मानवाधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई दमन और उत्पीड़न से रुकने वाली नहीं है.

कहा कि नरेंद्र मोदी के शासनकाल में बिहार से लेकर पूरे देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले तेज हुए हैं. संसद से सड़क तक असहमति की आवाजों को दबाया जा रहा है और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है. हाल के दिनों में पार्टी के पूर्व विधायक मनोज मंजिल और राज्य कमिटी सदस्य जितेंद्र पासवान को सजा सुनाया जाना इसी क्रम की कड़ी है.


21 February, 2026