21 सितंबर 2026 को कामरेड काकारा रत्ना कुमारी (कुमारी) का खराब स्वास्थ्य के कारण निधन हो गया. उनकी असामयिक मृत्यु पार्टी और जन-आंदोलनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है. कामरेड रत्ना कुमारी पूर्वी गोदावरी जिले (अब काकीनाडा जिला) के गोल्लाप्रोलु मंडल के कोडवली गांव की रहने वाली थीं.
काॅमरेड कुमारी ने भाकपा(माले) लिबरेशन की राज्य कमेटी, पूर्वी गोदावरी जिला कमेटी की सदस्य और ऐपवा की जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया. अभी भी वे ऐपवा की राज्य कमेटी के सदस्य के रूप में काम कर रही थीं.
कामरेड कुमारी 2002 के बाद से ही पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया. उन्होंने अनकापल्ली जिले में जमीन के संघर्षों के दौरान जेल जाने वाली आदिवासी महिलाओं का साथ दिया और गोल्लाप्रोलु, पिथापुरम, यू. कोथापल्ली, काकीनाडा रूरल और समरलकोटा मंडलों के विभिन्न गांवों में खेती व आवास के लिए जमीन व सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए संघर्षों में हिस्सा लेने के साथ ही शराब-विरोधी आंदोलन और कई अन्य सामाजिक संघर्षों का नेतृत्व किया और उस दौरान जेल भी गईं. 2009 में काकीनाडा टाउन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा.