4 जून 2026 को लखनऊ में इंकलाबी नौजवान सभा की दो दिवसीय कार्यशाला और राष्ट्रीय परिषद बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई. बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय परिषद सदस्यों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया. बैठक के पहले दिन एक राष्ट्रीय युवा कार्यशाला का आयोजन किया गया, जबकि दूसरे दिन राष्ट्रीय परिषद की औपचारिक बैठक आयोजित हुई.
राष्ट्रीय युवा कार्यशाला में भाकपा(माले) के राष्ट्रीय महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य, जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार, आरवाईए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधुरिमा कुंडू सहित अन्य नेताओं ने भाग लिया. कार्यशाला में देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, युवाओं के समक्ष मौजूद चुनौतियों तथा नौजवान आंदोलन की दिशा और कार्यभार पर विस्तृत चर्चा हुई.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा की डबल और ट्रिपल इंजन सरकारें रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी सवालों पर पूरी तरह विफल साबित हुई हैं. बेरोजगारी, महंगाई, निजीकरण और बढ़ती सामाजिक-आर्थिक असमानता ने देश के युवाओं और मेहनतकश जनता के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. उन्होंने लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों को युवाओं के भविष्य पर हमला बताते हुए कहा कि सरकार ने यदि कोई रिकाॅर्ड बनाया है तो वह पेपर लीक का रिकाॅर्ड है. उन्होंने नौजवानों से भगत सिंह और बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र, संविधान, शिक्षा और रोजगार की रक्षा के संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया.
जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बढ़ते हमलों और सत्ता के केंद्रीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए छात्रों, युवाओं, मजदूरों और किसानों के साझा प्रतिरोध को मजबूत करना होगा. प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव, सवाल और सुझाव रखे.
आरवाईए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए युवाओं के व्यापक संगठन निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने पेपर लीक, एनटीए की विफलताओं और शिक्षा व्यवस्था के बढ़ते संकट के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया. राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा ने बुलडोजर राजनीति, श्रम कानूनों पर हमले, निजीकरण और आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधुरिमा कुंडू ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने तथा महिला आरक्षण कानून के तहत 33 प्रतिशत आरक्षण को अविलंब लागू करने की मांग उठाते हुए कहा कि महिलाओं की समान और स्वतंत्र राजनीतिक भागीदारी लोकतांत्रिक समाज निर्माण की महत्वपूर्ण शर्त है.
दूसरे दिन आयोजित राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शहीद अशफाकउल्ला खां, रामप्रसाद बिस्मिल और ठाकुर रोशन सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर आगामी 19-20 दिसंबर 2026 को बिहार में आरवाईए का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने और इसकी तैयारी को पूरे देश में सदस्यता अभियान, राजनीतिक-सांगठनिक पहलों और जन आंदोलनों के विस्तार के साथ जोड़ने निर्णय लिया गया.