वर्ष 34 / अंक-29 / विधानसभा चुनाव 2025: आरा, औराई (मुजफ्फरपुर) और मध...

विधानसभा चुनाव 2025: आरा, औराई (मुजफ्फरपुर) और मधुबनी में आयोजित हुए कार्यकर्ता कन्वेंशन

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पिछले दिनों आरा और औराई (21 सितंबर) और मधुबनी (25 सितंबर) में विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित हुए.

एनडीए राज में पिछड़ते जाने की पीड़ा 

औराई के भदई बाजार पर 21 सितंबर 2025 को औराई विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित हुआ. भाकपा(माले) की पोलित ब्यूरो सदस्य व ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कन्वेंशन को मुख्य वक्ता के बतौर संबोधित किया.

मीना तिवारी ने कहा कि पिछली बार भले ही हम चुनाव हार गए थे, लेकिन जीतने वाले विधायक ने औराई की जनता की कोई सुध नहीं ली. उनकी सूरत तक लोगों को नसीब नहीं हुई. जबकि भाकपा(माले) के नेता आफताब आलम समेत पूरी पार्टी और इंडिया गठबंधन के तमाम नेता लगातार जनता के सवालों को लेकर संघर्ष करते रहे हैं. अब औराई की जनता को कोई धोखा नहीं दे सकता.

उन्होंने कहा कि यहां के एनडीए विधायक थक चुके हैं. अब  उनको आराम की जरूरत है. इस बार जनता भाकपा(माले) उम्मीदवार को जिताकर विधानसभा भेजने का मन बना चुकी है. बिहार में भाजपा-जदयू की सरकार के भी दो दशक हो गए, लेकिन औराई आज भी विकास से कोसों दूर है जहां न शिक्षा है, न स्वास्थ्य व्यवस्था, न रोजगार. हर मोर्चे पर जनता को सिर्फ ठगा गया है. विकास के नाम पर घोटाले और जुमलेबाजी ही देखने को मिली है.

महागठबंधन समर्थित भाकपा(माले) के पूर्व प्रत्याशी आफताब आलम ने क्षेत्र की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी औराई विकास की रोशनी से वंचित है. लोग आज भी चंचरी पुल के सहारे जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं. महिलाएं अधिकार से वंचित हैं, युवा बेरोजगारी से त्रस्त हैं और किसानों-मजदूरों पर सरकारी दमन जारी है. चुनाव जीतने के बाद विधायक पूरी तरह गायब हो गए. जनता ने न तो उनका चेहरा देखा, न आवाज सुनी. उन्होंने औराई को भ्रष्टाचार के दलदल में धकेल दिया है. उनको गांव की कोई चिंता है, न गरीबों की पीड़ा से कोई सरोकार. गरीबों के कच्चे घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, जबकि पूंजीपतियों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है. भाजपा-जदयू की सरकार अमीरों के लिए काम कर रही है और गरीबों की जिंदगी तबाह कर रही है. उन्होंने कहा – “हम औराई के अंतिम नागरिक के हक- और अधिकार की लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ेंगे. यह सिर्फ चुनाव नहीं, सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई है.”

खेग्रामस के राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी ने कहा कि नीतीश-मोदी की जोड़ी ने केवल कॉरपोरेट को मजबूत किया है. भूमिहीनों, मजदूरों और किसानों पर हमले तेज हुए हैं. अब वक्त है इन्हें सत्ता से बेदखल करने का.

भाकपा(माले) जिला सचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि औराई से लेकर पटना और दिल्ली तक जनविरोधी सरकारें बैठी हैं. गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं, युवाओं को बेरोजगारी और किसानों को धोखा मिला है. अब जनता इन सरकारों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी.

कन्वेंशन में भारी संख्या में भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं, इंडिया गठबंधन व सहयोगी संगठनों के नेताओं,और स्थानीय जनता की भागीदारी रही. सब ने एक स्वर में भाजपा-जदयू को हराने और भाकपा(माले) के पक्ष में चुनाव प्रचार तेज करने का संकल्प लिया.

कन्वेंशन को औराई-कटरा के भाकपा(माले) प्रखंड सचिव मनोज कुमार यादव, एड. मुकेश पासवान, ब्रजकिशोर सहनी, परशुराम पाठक, मोहम्मद जावेद अख्तर, मुकेश यादव, मनीष यादव, रामपुकार सिंह, विनय यादव, प्रमुख राम, बीरेन्द्र पासवान, राम बालक सहनी, कृष्ण मोहन सिंह, नीलम देवी, चंद्रकला देवी, मोहम्मद नदीम, बच्चा राय, रवींद्र राय और मो. तैयब अंसारी आदि ने भी संबोधित किया.

जिले की सातों सीटें जीतेगा इंडिया

आरा के नागरी प्रचारिणी सभागार में 21 सितंबर 2025 को आरा विधानसभा स्तरीय कन्वेंशन में नीतीश-भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया.

मुख्य वक्ता भाकपा(माले) राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि बिहार में बदलाव की लहर चल रही है. पिछड़ेपन, महागरीबी, बेरोजगारी, पलायन, विकास के नाम पर मची लूट, दलितों, पिछड़ों, अकलियतों, गरीबों व महिलाओं पर बढ़ते जुल्म और चरम अपराध के खिलाफ बदलाव की लहर चल रही है. 20 साल की इस ‘डबल इंजन सरकार’ के आखिरी दिन चल रहे हैं. सरकार को उखाड़ फेंकना अब जन संकल्प बन चुका है. आरा समेत भोजपुर की सभी 7 सीटों पर इंडिया गठबंधन की भारी जीत तय है.

कहा कि बिहार में 94 लाख परिवार 6 हजार मासिक आय से भी कम पर गुजर करते हैं. मोदी जी बिहार आकर लगातार घोषणायें कर रहे हैं पर पिछली घोषणा का हिसाब नहीं दे रहे हैं. अडानी को 1 रु. की दर से 1050 एकड़ अनमोल जमीन दे दी गई लेकिन गरीबों-भूमिहीनों के आवास, स्कूल भवन, अस्पताल आदि के लिए जमीन नहीं है. गरीब चुनाव में इसका हिसाब लेने के लिए तैयार हैं. वोट चोरी इसे अब नहीं रोक पाएगी.

उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार किसानों को मुआवजे की बजाए लाठी-गोली दे रही है लेकिन कॉरपोरेटों के लिए मखमल बिछा रही है. दिल्ली मे भाजपा का नारा था ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’  लेकिन जब सरकार बनी तो झुग्गियों में बसे प्रवासी बिहारियों को उजाड़ दिया गया. इस बार बिहार की चुनाव सिर्फ बिहार की नही देश का चुनाव बन गया है.

इंसाफ मंच के राज्य सचिव व इंडिया गठबंधन के पूर्व प्रत्याशी कयामुद्दीन अंसारी ने कहा कि भाजपा विधायक अमरेन्द्र प्रताप सिंह, अन्य भाजपा नेताओं और कृछ बूथों पर तो फर्जी आवेदकों जक के जरिए दलित, अति पिछड़ा व अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के नाम काटने या हटाने के आवेदन दिये गये हैं. यह साबित करता है कि एसआईआर के तहत भाजपा और चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों की मिलीभगत है और गरीबों का नाम वोटर लिस्ट से काटने का खेल चल रहा है. उनकी वोट चोरी पकड़ी गई है और चुनाव में आरा की जनता इसकी मुकम्मल सजा देगी.

अगिआंव के पूर्व विधायक मनोज मंजिल, डुमरांव (बक्सर) के विधायक अजित कुशवाहा, अगिआंव के विधायक शिवप्रकाश रंजन और केंद्रीय कमिटी के सदस्य अभ्युदय, पश्चिम बंगाल राज्य कमिटी सदस्य नीलाशीष बोस, प्रो. दुधनाथ चौधरी, अमित कुमार बंटी, बालमुकुंद चौधरी सहित अनेक नेताओं ने कन्वेंशन को संबोधित किया. कार्यकर्ता कन्वेंशन में पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य का. स्वदेश भट्टाचार्य ने भी मुख्य अतिथि के बतौर हिस्सा लिया.

13 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल में विजय ओझा, सुधीर सिंह, दिलराज प्रीतम, राजनाथ राम, संगीता सिंह, राजेंद्र यादव, मिल्टन कुशवाहा, हरेराम सिंह, हरिनाथ राम, सत्यदेव कुमार, गौस रजा, कामता बिंद, उपेंद्र पाल, कलावती देवी, जनार्दन गौड़ शामिल थे. सुधीर सिंह ने स्वागत, दिलराज प्रीतम ने संचालन और राजनाथ राम धन्यवाद ज्ञापन किया.

मिथिलांचल में भी बढ़ेगी वाम दावेदारी 

मधुबनी के माले नगर (लहेरियागंज) स्थित भाकपा(माले) कार्यालय परिसर में 25 सितंबर 2025 को भाकपा(माले) का जिला स्तरीय कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित हुआ. ‘बदलो सरकार, बदलो बिहार’ के नारे के साथ आयोजित कार्यकर्ता कन्वेंशन के मुख्य वक्ता पार्टी महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य थे. भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो के सदस्य व अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के महासचिव धीरेन्द्र झा और अखिल भारतीय स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की महासचिव व विधान पार्षद शशि यादव समेत स्थानीय पार्टी नेताओं ने भी कन्वेंशन को संबोधित किया.

मधुबनी जाने के दौरान का. दीपंकर भट्टाचार्य का दरभंगा के शोभन चौक और मधुबनी के कइटोला और निधि चौक पर जुटे दर्जनों महिलाओं और छात्र-युवा कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारों के साथ स्वागत किया.

‘जय भीम, लाल सलाम ’ के नारे के साथ कन्वेंशन में आये कार्यकर्ताओं का अभिवादन करने के साथ का. दीपंकर भट्टाचार्य ने बिहार में डबल इंजन सरकार के खिलाफ फुट रहे गुस्से को संगठित कर 20 सालों से चल रही इस सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया.

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीएसटी में दी गई छुट को इसी गुस्से से बचने का थोथा प्रयास बताने के साथ ही कहा कि नीतीश सरकार ने भूमि सुधार आयोग की सिफारिशो को लागू करने से इंकार कर दिया, गरीबों को जमीन देने की बात आयी तो कहा कि जमीन नहीं है, लेकिन अडानी को हजारों एकड़ जमीन मिट्टी के मोल सौंप दी. बिहार सरकार के पास 70 हजार करोड़ रूपये का हिसाब नहीं है. मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के मामलों का लगातार खुलासा हो रहा है.

उन्होंने महिलाओं को 10 हजार रूपये देने की नीतीश की घोषणा को लॉलीपाप बताते हुए कहा कि यह सारा पैसा तो माइक्रो फाइनन्स कंपनियों का कर्ज चुकाने में ही चला जायेगा जिस कर्ज की वजह से गांव-गांव से पलायन हो रहा है और कहीं-कहीं तो पूरा परिवार आत्महत्या कर रहा है.

उन्होंने स्कीम वर्कर्स महिलाओं की मानदेय वृद्धि को उनका हक और उनके संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि इसके जरिए उनका वोट लेने की जो भी चाल सरकार चल रही है, वह नाकाम होगी.

उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो आरक्षण की सीमा को 65% किया जायेगा, अतिपिछड़ों का भी आरक्षण बढ़ेगा और इस वृद्धि को संविधान की नौवीं अनुसूची में दर्ज कराया जायेगा और निजी क्षेत्रों और सरकारी ठेका में भी इसे लागू किया जायेगा. हर महिला को ढाई हजार रूपये प्रतिमाह देने की गारंटी होगी और हर परिवार को 2 लाख रूपये देने की घोषणा पूरी होगी. सामाजिक सुरक्षा पेंशन की शुरुआत ही 1500 रू. प्रतिमाह से होगी.

उन्होंने माइक्रो फाइनेंस कंपनियो को ‘नया महाजन’ और अडानी-अंबानी को ‘नया जमींदार’ बताते हुए कहा कि हमारी सरकार उनपर लगाम कसेगी. उन्होंने भूमि सर्वें कर्मचारियों की बर्खास्तगी के खिलाफ उनके आंदोलन पर लाठीचार्ज की निंदा की. एसआईआर के खिलाफ बिहार के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि हमने चुनाव आयोग की वोटचोरी की साजिश को लगातार पीछे धकेला है. हमें आगे भी इस संघर्ष को जारी रखना होगा.

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को मधुबनी में भाकपा(माले) को मौका देने की जनता की आकांक्षा को सम्मान देना चाहिए. इससे क्षेत्र में लाल झंडे की तथा गरीब जनता की ताकत मजबूत होगी.

भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने कहा कि यह वामपंथी आंदोलन की धरती है. सारे कल-कारखाने बंद हो जाने से पलायन में वृद्धि हो रही है. उन्होंने सरकार के जरिये गरीबों को उजाड़ने की साजिशो का मुंहतोड़ जवाब देते हुए ‘जो जमीन सरकारी है वह जमीन हमारी है’ के नारे के साथ भाकपा(माले) की अगुआई में चल रहे भूमि अधिकार आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया.

विधान परिषद सदस्य शशि यादव ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने महिलाओं का बेपनाह शोषण किया है. महिलाएं माइक्रो फाइनेन्स कम्पनियों के उत्पीड़न का शिकार हैं. इसके खिलाफ यहां पिछले दिनों ‘दस हजार में दम नहीं, कर्जा माफी से कम नहीं’ नारे के साथ जो जुझारू आंदोलन यहां शुरू हुआ ह उसको आगामी चुनाव में भाजपा-जदयू की डबल इंजन सरकार को हराने और इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने के साथ निर्णायक मंजिल पर पहुंचाना है.

कन्वेंशन के दौरान भाकपा(माले) जिला कमेटी और रिक्शा-तांगा यूनियन, जयनगर की ओर से का. दीपंकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं को गमछा, पाग और डॉ. अम्बेडकर की तस्वीर देकर सम्मानित और भाकपा(माले) के युवा नेता का. मयंक यादव ने  सबका स्वागत किया.

भाकपा(माले) जिला सचिव ध्रुवनारायण कर्ण की अध्यक्षता व संचालन में सम्पन्न हुए कार्यकर्ता कन्वेंशन को जोगनाथ मंडल, विजय दास, शिक्षक नेता अरविन्द, नवल किशोर यादव, श्याम पंडित, विश्वम्भर कामत, मदन यादव, भूषण सिंह, मयंक यादव आदि स्थानीय नेताओं और भाकपा(माले) के दरभंगा जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद और वरिष्ठ नेता आरके साहनी ने भी सम्बोधित किया. का. विश्वंभर कामत द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ.


27 September, 2025