1 मई 2026, मजदूर दिवस को धनरूआ (पटना) के कुकुरबारा में भाकपा(माले) की जिला कमिटी व जिला परिषद पूर्व सदस्य ऐपवा नेत्री का. दमयंती सिन्हा की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. विगत 19 अप्रैल को बिमारी के कारण उनका असामयिक निधन हो गया था.
भाकपा(माले) के प्रखंड सचिव का. अकलू पासवान की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत वहां उपस्थित तमाम नेताओं-कार्यकर्ताओं और परिजनों द्वारा उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि देकर 2 मिनट की मौन श्रद्धांजलि देने के साथ हुई.
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा नेत्रियों – एमएलसी शशि यादव, सरोज चौबे व अनिता सिन्हा, पटना जिला सचिव अमर तथा पूर्व विधायिका रेखा देवी (राजद) ने कहा कि वे 80 के दशक से ही भाकपा(माले) के साथ जुड़कर गरीबों-दलितों-पिछड़ों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ते रहीं. वे महिलाओं के अधिकार आंदोलन की मुखर आवाज थीं और उन्होंने महिलाओं को हर तरह के शोषण व अत्याचार के खिलाफ संगठित किया. 2001 के पंचायत चुनाव में जिला परिषद सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद उन्होंने इस संघर्ष को और आगे बढ़ाया. वे जनता के दुःख-दर्द में दिन-रात उसके साथ खड़ी रहीं. उनका असामयिक निधान एक अपूरणीय क्षति है.
वक्ताओं ने कहा कि बिहार में गरीबों व महिलाओं के साथ हिंसा व उत्पीड़न की घटनाओं की बाढ़-सी आ गई है. केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रही है और 2023 में ही संसद से पारित 33% महिला आरक्षण कानून को लागू करने में आनाकानी कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा विपक्ष को बदनाम करने के लिए जो नौटंकी कर रहे हैं उसका पर्दाफाश करना और महिलाओं के हक के लिए संघर्ष करना ही का. दमयंती सिन्हा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
इस कार्यक्रम में भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य कमलेश कुमार, रिंकी देवी, कमला देवी, सावित्री देवी, वीरेंद्र प्रसाद, प्रमोद यादव, श्री भगवान पासवान, निरंजन वर्मा, जितेंद्र राम, रामजीवन पासवान, चितरंजन पासवान (पंचायत समिति सदस्य), राज किशोर प्रसाद आदि नेताओं के साथ ही उनके पति का. विद्या सिंह समेत परिवार के सभी सदस्य और सैकड़ों जनता शामिल थी.