वर्ष 35 / अंक - 45 / खेग्रामस के अरवल और दरभंगा जिला सम्मेलन संपन्न

खेग्रामस के अरवल और दरभंगा जिला सम्मेलन संपन्न

खेग्रामस के अरवल और दरभंगा जिला सम्मेलन संपन्न

अरवल: 3 नवंबर को काॅमरेड शाह चांद की 12वीं बरसी के मौके पर अरवल के कारगिल पार्क में खेग्रामस का दूसरा जिला सम्मेलन आयोजित हुआ. वरिष्ठ पार्टी नेता ज्ञानपति राम द्वारा झंडोतोलन, शहीद वेदी पर माल्यार्पण व शहीदों की याद में एक मिनट के मौन पालन और काॅ. निर्मोही व अनिल अंशुमन द्वारा शहीद गीत की प्रस्तुति के बाद उपेंद्र पासवान के संचालन में सभा शुरू हुई.

उद्घाटन सत्र के बतौर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि मौजूदा सरकार स्कूल खोलने के बजाय स्कूल बंद करने वाली सरकार है. संविधान ने हमें शिक्षित बनने का अधिकार दिया है, लेकिन सरकार गरीबों से शिक्षा का यह अधिकार भी छीन लेना चाहती है. बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बदलना होगा. जंतर-मंतर आंदोलन के बाद शुरू हुआ ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान अब बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव का आंदोलन बनना चाहिए.

खेग्रामस के राष्ट्रीय सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने मनरेगा को बदल दिया है और रोजगार देने की अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रही है. खेत मजदूरों को सिर्फ काम ही नहीं, बल्कि जीने लायक मजदूरी और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिलना चाहिए. मनरेगा को फिर से मजबूत करने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करना होगा. गरीबों और खेत मजदूरों की लड़ाई जमीन और मकान के अधिकार के लिए भी रही है, लेकिन उनको बुलडोजर का सामना करना पड़ रहा है. यह केवल खेत मजदूरों का नहीं, बल्कि उन किसानों का भी सवाल है जिनकी जमीनें टाउनशिप जैसी नई-नई साजिशों के नाम पर उनसे छीनी जा रही है. अपना घर और खेत बचाने की लड़ाई गरीबों और किसानों की साझा लड़ाई है.

उन्होंने कहा कि देश में आज ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा गूंज रहा है. मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं और इसकी शुरुआत बिहार से हुई थी. लोकतंत्र और मताधिकार पर इस हमले के खिलाफ देशव्यापी निर्णायक संघर्ष जरूरी है.

दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि जब-जब भाजपा की सत्ता डगमगाती है, वह नफरत की खेती शुरू कर देती है. लेकिन देश के ‘जेन-जी’ ने साफ कर दिया है कि उन्हें नफरत नहीं, शिक्षा और रोजगार चाहिए. काॅ. शाह चांद हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक और गरीबों के संघर्षों के नेता थे. उनके विचारों और संघर्षों के रास्ते पर चलकर ही नफरत की राजनीति को शिकस्त दी जा सकती है.

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक महानंद सिंह ने कहा कि पहलेजा गांव में बुलडोजर हमले के खिलाफ आवाज उठाने वाली 80 वर्षीय राजमनिया देवी समेत तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाना गरीबों पर हो रहे चौतरफा हमले की बानगी  है. उन महिलाओं की अविलंब रिहाई के लिए जोरदार आंदोलन छेड़ा जाएगा.

कार्यक्रम को खेग्रामस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व विधायक सत्यदेव राम, कुमार परवेज, अनवर हुसैन, शाह शाद, साधना शर्मा, रवींद्र यादव, लीला वर्मा, सुबोध यादव सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया. मंच पर भाकपा(माले) के पोलित ब्यूरो सदस्य रामजी राय, ‘लोकयुद्ध’ के संपादक संतोष सहर, एआइपीएफ के राज्य संयोजक कमलेश शर्मा, जहानाबाद जिला सचिव विजय कुमार, जमीला खातून तथा स्थानीय व पड़ोसी भोजपुर जिले के अनेक नेता मौजूद थे.

दूसरे सत्र में खेग्रामस के जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यदेव राम ने आगामी 21-22 नवंबर को झारखंड में आयोजित होने वाले संगठन के राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान किया. सम्मेलन के जरिए खेग्रामस 37 सदस्यीय नए जिला परिषद का चुनाव किया गया और सुरेंद्र प्रसाद को अध्यक्ष व उपेंद्र पासवान को सचिव बनाया गया.



दरभंगा: 4 नवंबर 2026 को भाकपा(माले) के वरिष्ठ नेता व खेग्रामस के संघर्षशील साथी कामरेड लक्ष्मी पासवान के पांचवें स्मृति दिवस, मौके पर,खेग्रामस का छठा दरभंगा जिला सम्मेलन हनुमाननगर प्रखंड के दिलाही गांव में उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया.

खेग्रामस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व विधायक सत्यदेव राम सम्मेलन में मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय महासचिव धीरेंद्र झा मुख्य अतिथि, राज्य सचिव शत्रुधन सहनी विशेष अतिथि व श्याम पंडित राज्य पर्यवेक्षक के बतौर इसमें मौजूद रहे.

खेग्रामस के कार्यकारी जिला सचिव पप्पू पासवान के संचालन में काॅमरेड लक्ष्मी पासवान के स्मारक स्थल पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर सम्मेलन की शुरुआत हुई. वहां मौजूद लोगों ने उनके त्याग और गरीबों-मजदूरों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को याद करते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया.

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए काॅमरेड सत्यदेव राम ने कहा कि आज देश में गरीबों, भूमिहीनों, खेत मजदूरों और ग्रामीण मेहनतकशों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं. गरीबों को जमीन और आवास से वंचित किया जा रहा है तथा रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है. खेग्रामस गरीबों के हक-अधिकार की लड़ाई को गांव-गांव तक मजबूत करेगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से गरीबों और वंचितों को संगठित कर मनरेगा को कमजोर करने, बुलडोजर राज और काॅरपोरेट लूट के खिलाफ व्यापक संघर्ष खड़ा करने करने का आह्वान किया.

काॅमरेड धीरेंद्र झा ने कहा कि देश में जहां एक ओर सत्ता के संरक्षण में गरीबों के ऊपर दमन और बुलडोजर की राजनीति चलाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता ने ग्रामीण गरीबों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. संविधान प्रदत्त अधिकारों, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए मजदूरों-किसानों की एकजुटता बेहद जरूरी है. कामरेड लक्ष्मी पासवान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी – उनके विचारों और गरीबों, दलितों और वंचितों के अधिकारों के संघर्ष को आगे बढ़ाना.

इसके बाद जिला सचिव द्वारा कामकाज का रिपोर्ट पेश पर दर्जनों साथियों ने अपनी बात रखी और  उसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया. इसके बाद राज्य पर्यवेक्षक कामरेड श्याम पंडित के पर्यवेक्षण में 45 सदस्यीय जिला परिषद का गठन किया गया जिसका सचिव काॅ. सत्यनारायण पासवान और अध्यक्ष मो. जमालुद्दीन को चुना गया. सम्मेलन में भाकपा(माले) के जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, वरिष्ठ नेता आरके सहनी, शनिचरी देवी, अभिषेक कुमार, विनोद सिंह, नंदलाल ठाकुर, उमेश प्रसाद साह, हरि पासवान, सुनील यादव, देवेंद्र कुमार, पंकज पासवान सहित कई लोग मौजूद रहे.

सम्मेलनों से लिये गए लक्ष्य व आगामी कार्यभार 

1. सदस्यता लक्ष्य को हर हाल में पूरा करना.
2. गांव-पंचायत व प्रखंडों में व्यापक गोलबंदी के साथ सम्मेलन करके पंचायत व प्रखंड परिषद का गठन करना हैं.
3. शिक्षा सुधारो - स्कूल ठीक करो अभियान को ग्रामीण गरीबों का एजेंडा बनाना और उनकी भागीदारी को बढ़ाने में जोर देना.
4. अथक प्रयास कर 21-22 नवंबर 2026 को होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाना.
5. भाजपा भगाओ, वोट बचाओ, लोकतंत्र संविधान बचाओ आंदोलन में एकजुट होने का सम्मेलन आह्वान करता हैं.

07 November, 2026