वर्ष 35 / अंक - 33 / खेग्रामस का सत्याग्रह: बुलंद हुए ग्रामीण गरीबों के...

खेग्रामस का सत्याग्रह: बुलंद हुए ग्रामीण गरीबों के बुनियादी सवाल

खेग्रामस का सत्याग्रह: बुलंद हुए ग्रामीण गरीबों के बुनियादी सवाल

13-14 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह के माध्यम से उत्तर प्रदेश में ग्रामीण गरीबों के बुनियादी सवालों को, जो भारतीय संविधान और गणतांत्रिक भारत में नागरिक के बतौर गरिमामय जीवन जीने के अधिकार के लिए बुनियादी शर्त हैं, सतह पर ले आने की कोशिश हुई. खासकर ग्रामीण भारत के कृषि पर आधारित 40 प्रतिशत भूमिहीन गरीबों के इन सवालों को निम्नलिखित 10 बिंदुओं में सूत्रबद्ध किया गया:

  • (1). वीबी-ग्रामजी के तहत काम देने व मजदूरी 729 रुपए दैनिक करने,
  • (2). सभी आवास विहीनों को आवास देने,
  • (3). आवास के लिए 4 डिसमिल जमीन देने व पीढ़ीयों से आबाद गरीबों को पट्टा आदि देकर विनियमितीकरण करने,
  • (4). 200 यूनिट बिजली फ्री करने व बिजली का निजीकरण बंद करने,
  • (5). 2 लाख रुपए तक के सभी सरकारी बैंकों, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों एवं सूदखोरों द्वारा दिए गए गरीबों के कर्ज माफ करने तथा कर्ज के लेनदेन में आरबीआई गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने,
  • (6). 6000 रुपए मासिक विधवा, विकलांग व वृद्धावस्था पेंशन देने व राशन कटौती बंद करने,
  • (7). मर्जर के नाम पर परिषदीय स्कूलों को बंद करने पर रोक लगाते हुए स्नातक तक शिक्षा फ्री करने,
  • (8). ग्रामीण इलाकों में स्थित पीएचसी-सीएचसी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, जांच उपकरणों व दवाइयों की गारंटी करते हुए संचालित करने,
  • (9). प्रवासी मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा के लिए कानून बनाने और
  • (10). जाति, धर्म, लिंग व भाषाई भेदभाव पर प्रभावी रोक लगाते हुए सामाजिक न्याय की गारंटी करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन भेजा गया.

इसके पहले, सत्याग्रह को लेकर पर्चा वितरण व ग्राम बैठकें करके जनसंपर्क किया गया. बारिश के मौसम ने प्रचार एवं 13-14 अगस्त को ब्लाॅकों पर पहुंचने में कुछ बाधा पहुंचाई. कुछ जगहों पर पुलिस प्रशासन ने भी नेताओं को हाउस अरेस्ट कर और दहशत फैलाकर सत्याग्रह को रोकने का प्रयास किया. बावजूद इसके साथियों ने सत्याग्रह को सफल बनाने के प्रयास किये.

इस सत्याग्रह/उपवास को, ग्रामीण गरीबों के बीच केंद्रीकरण के लिहाज से, ब्लाॅक मुख्यालयों पर ही करना निश्चित किया गया था, ताकि ब्लाॅकों के भीतर केंद्रित पंचायतों में ठोस रूप से सवाल चिन्हित कर उठाये जा सकें. इस दिशा में हम कुछ ही कदम चल पाए हैं. यह भी सही है कि केंद्रित ब्लाॅक की केंद्रित पंचायत में ठोस सवाल चिन्हित कर लगातार उठाये बिना हम ग्रामीण गरीबों के व्यापक दायरे में अपनी पहुंच नहीं बना सकते हैं और न ही उनके सवालों को राजनीति के केंद्र में ला सकते हैं.

इस सत्याग्रह की प्रदेश में तस्वीर इस प्रकार रही: कुल 18 जिलों के 33 प्वाइंट पर सत्याग्रह हुए, जिनमें 13 अगस्त को 17 जिलों के 29 प्वाइंट पर 900 लोगों की भागीदारी रही. दूसरे दिन 14 अगस्त को 10 जिलों के 18 प्वाइंट पर 1234 की जन भागीदारी हुई जिसमें 12 प्वाइंट पर 6 जिलों में दोनों दिन करीब 600 लोगों ने सत्याग्रह में भाग लिया.

गाजीपुर जिला मुख्यालय पर डेढ़ सौ लोगों ने दोनों दिन सत्याग्रह किया और 10 साथियों ने उपवास किया. भाकपा(माले) के केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड ईश्वरी प्रसाद ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया.


बलिया के मनियर में 150, पंदह में 100, नवानगर में 55 और बेलहरी में 45 लोगों ने दोनों दिन प्रदर्शन व सत्याग्रह करके ज्ञापन सौंपा. मनियर ब्लाॅक पर भाकपा(माले) के केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड श्रीराम चौधरी ने सत्याग्रहियों को जूस पिलाकर उपवास समाप्त कराया.

चंदौली जिले में कार्यक्रम के पूर्व किसान महासभा के जिला अध्यक्ष श्रवण मौर्य और भाकपा(माले) के जिला सचिव व खेग्रामस राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनिल पासवान को प्रशासन ने हाउस अरेस्ट दिया. चकिया ब्लाक के साहिबगंज में हाउस अरेस्ट अनिल पासवान के आवास पर 150 लोगों द्वारा सत्याग्रह किया गया. वहां थानाध्यक्ष ने आकर ज्ञापन लिया. बैराठ फार्म के नौगढ़ कार्यालय पर खेग्रामस राज्य कार्यकारिणी सदस्य विजयी राम के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने दो दिवसीय अनशन किया. वहां सहायक खंड विकास अधिकारी ने ज्ञापन लिया. सकलडीहा में पार्टी राज्य कमेटी सदस्य कामरेड रामप्यारे राम के नेतृत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया. धानापुर में भी कार्यक्रम हुआ.

गोरखपुर के चरगांवा ब्लाॅक पर खेग्रामस राज्य सचिव कामरेड राजेश साहनी के नेतृत्व में 35, उरूवा ब्लाक पर खेग्रामस नेता श्यामा चरण के नेतृत्व में 20 और बांसगांव तहसील पर पार्टी जिला सचिव राकेश सिंह के नेतृत्व में 20 लोगों ने एक दिन का उपवास कर ज्ञापन सौंपा. 14 अगस्त को शहरी गरीब मोर्चा के बैनर तले भी अपर आयुक्त के माध्यम से ज्ञापन दिया गया. देवरिया जिले के बनकटा ब्लाक पर 13-14 अगस्त दोनों दिन सत्याग्रह किया गया. पहले दिन 60 व दूसरे दिन 150 लोगों ने भागीदारी की और 10 लोगों ने दो दिनी उपवास रखा.

महाराजगंज जिले के सिसवा ब्लाॅक पर 35 लोगों ने एक दिन सत्याग्रह कर ज्ञापन सौंपा. कुशीनगर जिले में मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय के समक्ष 13 अगस्त को 45 लोगों ने एक दिन का सत्याग्रह कर ज्ञापन सौंपा.

आजमगढ़ के मेहनगर तथा लालगंज ब्लाक पर उपवास कर ज्ञापन दिया गया. बनारस के पिंडरा ब्लाक पर 40 लोगों ने 13 अगस्त को प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा. भदोही के सुरियावां ब्लाॅक पर 6 लोगों ने 13 अगस्त को उपवास रखा व 14 अगस्त को 28 लोगों की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा गया.

मिर्जापुर के पटेहरा ब्लाॅक पर कामरेड जीरा भारती के नेतृत्व में छह व हलिया में खेग्रामस नेता भोला कोल के नेतृत्व में 11 लोगों ने दोनों दिन उपवास कर ज्ञापन सौंपा. सोनभद्र में घोरावल ब्लाॅक पर प्रदर्शन कर 3 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा.

रायबरेली में 14 अगस्त को ऐक्टू के प्रदेश अध्यक्ष का. विजय विद्रोही तथा पार्टी जिला सचिव का. नोमान अंबेडकर ने नेतृत्व किया. लगभग 400 लोगों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया. वहां हुई सभा को किसान महासभा के जिला अध्यक्ष फूलचंद मौर्य, रामचंद्र वर्मा आदि लोगों ने संबोधित किया. इसके बाद मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया.

लखनऊ में बीकेटी तहसील पर 13 अगस्त को भाकपा(माले) व खेग्रामस के नेतृत्व में सत्याग्रह करते हुए उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया गया. वहां हुई सभा को पार्टी जिला प्रभारी कामरेड रमेश सिंह सेंगर, राज्य कमेटी सदस्य राधेश्याम मौर्य, कमला गौतम, राजीव गुप्ता, ऐपवा नेता सरोजिनी बिष्ट, आइसा नेता शांतम निधि आदि ने संबोधित किया.

सीतापुर के हरगांव में भाकपा(माले) जिला सचिव कामरेड अर्जुन लाल के नेतृत्व में 40, बिसवां में खेग्रामस नेता संतराम के नेतृत्व में 20, एलिया में पार्टी राज्य कमेटी सदस्य अनिल कुमार के नेतृत्व में 15 और महोली में खेग्रामस राज्य कार्यकारिणी सदस्य रामसेवक के नेतृत्व में 18 लोगों ने 14 अगस्त को धरना करके ज्ञापन सौंपा.

लखीमपुर खीरी की पलिया तहसील पर केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड कृष्णा अधिकारी, राज्य कमेटी सदस्य आरती राय व कमलेश राय के नेतृत्व में प्रदर्शन करके ज्ञापन दिया गया. 14 को फूलबेहड़ ब्लाॅक पर 45 लोगों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया. पीलीभीत की पूरनपुर तहसील पर 70 लोगों ने धरना देकर ज्ञापन सौंपा. जालौन जिले के जालौन में 30 व कदौरा ब्लाॅक में 24 लोगों ने एक दिन सत्याग्रह कर ज्ञापन सौंपा. इस प्रकार कुल 18 जिलों के 33 प्वाॅइंट पर प्रदर्शन कर लगभग 1300 लोगों ने सत्याग्रह में भागीदारी की.


15 August, 2026