बेगूसराय के चकिया थानान्तर्गत महिला के साथ सामुहिक बलात्कार की घटना के खिलाफ भाकपा(माले) कार्यालय (कमलेश्वरी भवन) से प्रतिरोध मार्च निकालकर जिला समाहरणालय गेट (कैंटीन चौक) पर पहुंच कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधारी का पुतला दहन किया गया.
वहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव दिवाकर प्रसाद व अन्य नेताओं ने सदर अस्पताल पहुंच कर जीवन और मौत से संघर्ष कर रही सामूहिक बलात्कार के पीड़िता और परिजनों से मुलाकात कर घटना के बारे मे जानकारी ली. महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया था कि दरिंदो ने इस सामूहिक बलात्कार की घटना से पूर्व भी उनके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था और जब वह थाने में केस करने गई तो उनके खिलाफ मामूली धाराओं मे केस दर्ज कर किया गया और अभियुक्तों थाने से ही जमानत दे दी गई. इसके बाद ही अपराधियों ने 11 जून 2026 की आधी रात को उनको उठा लिया, सुनसान स्थान पर ले गए और इस बर्बरतापूर्ण घटना को अंजाम दिया. पांच दरिन्दों ने उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके बाद उनके प्राइवेट पार्ट में कारतूस और लकड़ी डाल दिया. महिला ने बताया कि जब वह और उनके पति चकिया थानाध्यक्ष के यहा पहुंच कर अपराधियों पर केस दर्ज कर उनको गिरफ्तार करने की बात की तो थानाध्यक्ष ने पहले मेडिकल जांच करा लाने की बात की.
उन्होंने कहा कि सामूहिक बलात्कार की यह घटना घोर निंदनीय और आधुनिक समाज के लिए बेहद शर्मनाक है. जिला प्रशासन ने बेहद संवेदनहीनता का परिचय दिया है. घटना के एक सप्ताह गुजर जाने के बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई जबकि वे महिला व उनके परिजनों की जान का खतरा बने हुए हैं. उन्होंने अपराध और अपराधियों के बचाव करने वाले चकिया थानाध्यक्ष को बर्खास्त करने और अपराधियों को स्पीडी ट्रायल कोर्ट से कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने और पीड़िता व उसके परिजनों के लिए सुरक्षा प्रदान करने की मांग की. कार्यक्रम मे पार्टी के वरिष्ठ नेता व किसान महासभा जिलाध्यक्ष नवल किशोर, राजेश श्रीवास्तव, आइसा नेता अजय कुमार, सोनू फर्नांज आदि समेत कई नेता मौजूद थे.