संक्षिप्त दौरे पर बिहार पहुंचे भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने 17 अगस्त को रोहतास जिले के दिनारा क्षेत्र के मिल्की-मनिहारी गांव का दौरा किया. इसी गांव के चंदेश्वर चौधरी की पड़ोसी जोगिया गांव के सामंत अजीत तिवारी द्वारा मजदूरी मांगने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. का. दीपंकर भट्टाचार्य ने चंद्रेश्वर चौधरी के परिजनों से मुलाकात करने के बाद राजपुर में एक जन संवाद तथा विक्रमगंज में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया.
दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि 5 अगस्त की घटना एक बड़ी आपराधिक कृत्य है – बंधुआ मजदूरी करवाना, उसका विरोध करने पर हत्या और हत्या के बाद लाश को गायब करना – यह तिहरा अपराध है. दुःखद बात यह है कि अपराध के बाद भी पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई न्याय दिलाने के बजाय पीड़ितों और उनके साथ खड़े लोगों को निशाना बनाने वाली है. उनको न्याय और मुआवजा देने के बजाय दो-दो फर्जी एफआइआर दर्ज कर गिरफ्तारी का अभियान चलाना, पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल डालना और इस अन्याय के विरोध में आवाज तक उठाने की अनुमति नहीं देना – यह साफ तौर पर दिखाता है कि प्रशासन किसके पक्ष में खड़ा है.
उन्होंने कहा – ‘अजीत तिवारी के घर से शराब की सैकड़ों खाली और दर्जनों भरी बोतलें मिलीं, अवैध हथियार भी बरामद हुआ और नशे में धुत्त होकर अंधाधुंध गोलियां चलाकर लोगों को भयभीत करने के सबूत भी मिले, उनपर इन अपराधों का कोई एफआइआर नहीं हुआ. जबकि गरीबों व आम लोगों के साथ सम्राट सरकार की पुलिस का रवैया इसके ठीक उलट है – ऐसे ही आरोपों में थाने में पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है और दिन-दहाड़े एनकाउंटर कर दिया जाता है जैसा कि अरवल में अनिल कुशवाहा और बिलौटी (भोजपुर) में भरत तिवारी के साथ हुआ. इस कथित डबल इंजन सरकार से इन सवालों का जवाब मांगा जाएगा. महाजंगलराज, बुलडोजर राज और एनकाउंटर राज के साथ-साथ पुरानी सामंती धाक को वापस लाने की कोशिशों को हम सभी गरीबों की एकता कायम कर धूल चटायेंगे, ठीक वैसे ही जैसे देश के जेन-जी ने केंद्र पेपर लीक और शिक्षा-परीक्षा में सुधार के सवाल पर केंद्र की मोदी सरकार को धूल चटाया है.
अगले दिन गर्दनीबाग धरनास्थल पहंचे
का. दीपंकर भट्टाचार्य ने अगले दिन पटना में भाकपा(माले) विधायक संदीप सौरभ व एमएससी शशि यादव के साथ गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचकर बीपीएसएसी, बीएसएससी, पुलिस भर्ती, ज्तम-4 तथा नल-जल अनुरक्षण कर्मियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन ग्रहण किए.
आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रा अपनी जायज मांगों को लेकर कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार ने उनके सवालों को न सुनने का असंवेदनशील रवैया अपना रखा है. परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने हो रही गड़बड़ियों, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और इसका समाधान करने की जगह आंदोलनकारियों को बदनाम करना, उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ और ‘गटर के काॅकरोच’ जैसे आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित करना – लोकतांत्रिक आंदोलनों और युवाओं के प्रति सरकार के तिरस्कारपूर्ण रवैये को दर्शाता है.
बिहार में परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है. पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षा, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया तथा अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए चल रहे आंदोलनों के साथ भाकपा(माले) मजबूती से खड़ी है. परीक्षा और शिक्षा सुधार के लिए संघर्ष को और व्यापक बनाया जाएगा. सरकार को आंदोलनकारी छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज को दबाने के बजाय उनसे संवाद करना चाहिए, उनकी जायज मांगों का तत्काल समाधान करना चाहिए – यह सरकार की जिम्मेदारी है.
नवादा की घटना बेहद शर्मनाक
नवादा जिले के रामगढ़ में मजदूरी मांगने गई मुसहर समुदाय की महिला के साथ उसी गांव के सामंत के साथ बलात्कार व हत्या कर देने की कोशिश बेहद शर्मनाक है.
भाकपा(माले) इस मामले में संलिप्त सामंती अपराधियों को गिरफ्तार करने एवं स्पीडी ट्रायल कर कठोर सजा देने और पीड़िता को जो गंभीर हालत में पावापुरी मेडिकल काॅलेज अस्पताल में भर्ती है, के समुचित इलाज की व्यवस्था करने तथा पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की है. सरकार उचित इलाज का भी प्रबंध करे.
भाकपा(माले) जिला सचिव भोला राम, ऐपवा जिला अध्यक्ष सुदामा देवी, कौशल्या देवी, लालपरी देवी व रंजू देवी की अगुआई में भाकपा(माले) के नेताओं के एक टीम ने गांव का दौरा कर पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की है.
इस घटना के खिलाफ 17 अगस्त को नवादा में एक प्रतिवाद मार्च आयोजित हुआ. भाजपा के सत्ता में आने पर सामंती उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं.