- ‘दिमागी नक्सल’: भारत के बागी नौजवानों से डरा-सहमा तानाशाह [संपादकीय]
- “वो दिन चला गया जब ‘नक्सल’ कह देने से कोई पीछे हट जाए” – दीपंकर भट्टाचार्य [साक्षात्कार]
- आजादी का नारा राष्ट्र-विरोधी नहीं [साक्षात्कार]
- भारत के मुख्य न्यायाधीश के नाम खुला खत : उमर खालिद और शरजील इमाम की आजादी बहाल हो [रिपोर्ट]
- अगस्त का महीना और आजादी का जज्बा [लेख]
- संघ-भाजपा के नफरती मंसूबे नाकाम: झारखंड छात्र आंदोलन को जीत हासिल [रिपोर्ट]
- का. दीपंकर भट्टाचार्य का दिनारा दौरा : गरीब एक होकर सामंती ताकतों को धूल चटाएंगे [रिपोर्ट]
- बिहार: प्रखंड मुख्यालयों पर खेग्रामस का अनशन सत्याग्रह [रिपोर्ट]