वर्ष 35 / अंक - 42 / अलविदा, कामरेड गणेश दास!

अलविदा, कामरेड गणेश दास!

अलविदा, कामरेड गणेश दास!

पुराने गया जिले में भाकपा(माले) के संस्थापक नेताओं में से एक का. गणेश दास का विगत 6 अक्टूबर, 2026 को 77 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया. वे बहुत दिनो से अस्वस्थ थे.

का. गणेश दास का जन्म 1950 में में छोटकी मुरारी (गया जिला) के अत्यंत भूमिहीन परिवार में हुआ था. पार्टी व किसान संगठन बिहार प्रदेश किसान सभा से से जुड़ने से पहले ये गांव में तथा पटना में दिहाड़ी मजदूर के बतौर  काम करते थे.

गया जिले में व्यवस्थित संगठन व आंदोलन की शुरुआत 1980 दशक के बाद ही हुआ परंतु पार्टी की हवा, उसके आंदोलन व मुक्ति के लिए संघर्ष का आगाज 70 दशक में ही हो चुका था. उस वक्त गया जिले के तमाम क्षेत्रों में खेत मजदूरों की दैनिक मजदूरी डेढ़ सेर कच्ची यानी 600 ग्राम अनाज ही था.

का. नेतृत्व गणेश दास ने 1974 में छोटकी मुरारी गांव में खेत मजदूर आंदोलन का नेतृत्व किया. जब अंचलाधिकारी सह बीडीओ और बड़की मुरारी के भूस्वामी के पास नोटिस भेजा गया तो भूस्वामियों में बौखलाहट पैदा हो गयी. उन्होंने गरीबों को धमकाना शुरू कर दिया. जब खेत मजदूरों ने हड़ताल कर दी और जब भूस्वामी बाहर से मजदूर मंगा कर खेतों में काम कराने लगे तो रोका गया. गांव में तनाव बढ़ता ही गया. 25 नवंबर 1976 बड़की मुरारी के भूस्वामी हरवे-हथियार लेकर छोटकी मुरारी गांव पर चढ़ आए. इस दौरान जमकर प्रतिरोध हुआ और सिद्धेश्वर सिंह नाम का भूस्वामी मारा गया. इस मामले में 8 लोगों को 8 वर्ष की सजा हो गई. दो वर्षों तक चली हड़ताल के बाद भूस्वामी मजदूरी बढ़ाने को बाध्य हुए.

तब से लेकर अब तक का. गणेश दास पार्टी और किसान संगठन से जुड़े रहे. वे पार्टी की पहली गया जिला कमेटी के सदस्य और बिहार प्रदेश किसान सभा के राज्य परिषद के सदस्य थे. वे जहानाबाद जिला कमेटी के भी सदस्य रहे. पार्टी ने नवंबर 2005 में विधानसभा चुनाव में बाराचट्टी क्षेत्र से उम्मीदवार भी बनाया.

वे 2009 से जहानाबाद जिले में पार्टी का काम कर रहे थे. विगत जिला सम्मेलन से पहले तक – अस्वस्थ रहने के कारण पार्टी काम करने में असमर्थ होने तक – वे जिला कमेटी के सदस्य थे. काफी बीमार रहने के बाद जहानाबाद शहर से अपने गांव में रहने लगे. हाल ही में उनकी पत्नी कामरेड दया देवी की मृत्यु हो गयी थी.

कुड़वा गांव (खिजरसराय्र, गया) में उनकी याद में हुई श्रद्धांजलि सभा में डाॅ. रामाधार सिंह, रविंद्र यादव, विजय कुमार, तारिक अनवर, मुंन्द्रिका राम, सूर्यबिलास पासवान, सुदामा राम, बच्चू सिंह, प्रभात कुमार, उदरेश पासवान, विभा भारती, रामचंद्र प्रसाद, रवि कुमार, सिद्धनाथ सिंह, रामलखन प्रसाद आदि समेत गयास व जहानाबाद जिलों के कई वरिष्ठ पार्टी नेता नेता शामिल हुए.

17 October, 2026