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पंजाब में वाम एकता के केंद्र बनेंगी भाकपा(माले) लिबरेशन और आरएमपीआइ

पंजाब में वाम एकता के केंद्र बनेंगी भाकपा(माले) लिबरेशन और आरएमपीआइ

भाकपा(माले) लिबरेशन और रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (RMPI) की पंजाब में एक संयुक्त बैठक हुई. बैठक भाकपा(माले) लिबरेशन के मुख्यालय ‘बाबा बुझा सिंह भवन’, मानसा में हुई. बैठक में दोनों पार्टियों के महासचिव क्रमशः कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य और कामरेड मंगत राम पासला शामिल हुए.

बैठक में दोनों पार्टियों के बीच साझा समझ बनी कि पंजाब में कार्यरत वामपंथी पार्टियों में भाकपा(माले) लिबरेशन और आरएमपीआई वैचारिक राजनितिक सवालों पर सबसे करीब हैं. इसलिए दोनों पार्टियां आपसी तालमेल को और सुदृढ़ कर पंजाब में संयुक्त कार्यवाहियों को और ज्यादा समन्वित करेंगे. साथ ही पंजाब में वामपंथी व प्रगतिशील राजनितिक ताकतों की एकता के लिए साझा प्रयास जारी रखेंगे. दोनों पार्टियों की ओर से 5-5 सदस्यों को लेकर एक राज्य स्तरीय समन्वय समिति बनाने का फैसला भी लिया गया, जो समय-समय पर बैठक कर पंजाब में आपसी समन्वय को बढ़ाने और वामपंथी एकता को और व्यापक करने की दिशा में काम करेगी.

दोनों पार्टियों ने तय किया कि आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार की नाकामयाबियों और असफल विदेश नीति के कारण आज देश ‘आर्थिक आपातकाल’ की गर्त में चला गया है. तेजी से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, अमेरिका के साथ ट्रेड डील के जरिये खेती-किसानी पर बढ़ते हमले और मजदूरों के लिए मनरेगा व 4 श्रम कानूनों को वापस लाने जैसे सवालों पर दोनों पार्टियां 18 से 28 मई तक राज्यव्यापी संयुक्त अभियान चलाएंगी.

18 मई को पंजाब के विभिन्न शहरों और कस्बों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे. 19 से 28 मई तक बड़े पैमाने पर लोगों को इकट्टा करने के लिए ‘लोगों के पास चलो अभियान’ के माध्यम से  कार्यकर्ता पंजाब के सैकड़ों गांवों में यात्रा और संवाद करेंगे.

एसआइआर की आड़ में चुनाव आयोग द्वारा पंजाब में भी गरीबों, मजदूरों के सही वोटों को हटाने के खिलाफ 7 जून को लुधियाना में दोनों पार्टियों की ओर से एक ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम करने का फैसला भी लिया गया है. इस जन सुनवाई में दोनों पार्टियों के महासचिव भी मौजूद रहेंगे.

बैठक में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका, पुलिस और देश के पैरामिलिट्री फोर्स, चुनावों के दौरान मोदी सरकार और संघ-भाजपा के इशारे पर काम करके डेमोक्रेटिक और संवैधानिक मूल्यों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं, जो कानून के राज और लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है. अगर इस घटना को नहीं रोका गया, तो देश की आजादी और भौगोलिक अखंडता को बनाए रखना नामुमकिन हो जाएगा.

दोनों पार्टियों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि उपरोक्त खतरों को देखते हुए, मौजूदा संविधान के अंदर बराबरी, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढांचे के बुनियादी सिद्धांतों की रक्षा के लिए आपसी एकता को मजबूत करते हुए सभी वाम और लोकतांत्रिक पार्टियों के साथ एकता विकसित करने की पूरी कोशिश करेगी.

बैठक में भाकपा(माले) के पंजाब प्रभारी पुरुषोत्तम शर्मा, राज्य सचिव गुरमीत सिंह बख्तपुर, आरएमपीआई के राज्य सचिव परगट सिंह जमाराई के साथ ही भाकपा(माले) के केंद्रीय कमेटी सदस्य का. राजविंदर सिंह राणा, रुलदू सिंह मानसा, सुखदर्शन सिंह नत्त, नछत्तर सिंह खीवा, जसबीर कौर नत्त और गुरनाम सिंह भीखी भी मौजूद थे.


16 May, 2026