पुरुषोत्तम शर्मा
अखिल भारतीय किसान महासभा ने अपने दिवंगत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का. प्रेम सिंह गहलावत को श्रद्धांजलि देने के लिए 19 जुलाई 2026 को दिल्ली के हरकिशन सिंह सुरजीत भवन, दिल्ली में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया. श्रद्धांजलि सभा में सयुंक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान नेताओं और केंद्रीय ट्रेड यूनियन नेताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया. अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव का. राजा राम सिंह तथा राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा व का. सुदामा प्रसाद (सांसद), आरएमपीआई के महासचिव का. मंगत राम पासला, भाकपा(माले) के दिल्ली राज्य सचिव का. रवि राय, खेग्रामस बिहार राज्य अध्यक्ष का. बिरेन्द्र प्रसाद गुप्ता (पूर्व विधायक), डीयू की शिक्षक नेता उमा गुप्ता, ऐपवा नेत्री स्वेता राज, एआईपीएफ से राजेन्द्र प्रथोली और गिरिजा पाठक, कामरेड गहलावत के परम मित्र और पुराने कम्युनिस्ट का. श्रद्धांनंद सोलंकी व प्रेम सिंह गहलावत के पुत्र परमिंदर सिंह गहलावत और अन्य परिजन इस सभा में शामिल थे.
श्रद्धांजलि सभा में शामिल प्रमुख लोगों में ऐटक महासचिव का. अमरजीत कौर और विद्यासागर गिरि, ऐक्टू महासचिव राजीव डिमरी, इंटक अध्यक्ष अशोक सिंह, एआइयूटीयूसी नेता आरके शर्मा, अ. भा. किसान सभा केनिंग लेन से कामरेड हन्नान मौलाह (उपाध्यक्ष), अ. भा. किसान सभा (अजय भवन) से रावुला वेंकय्या (महासचिव), किसान संघर्ष समिति से डाॅ. सुनीलम, पंजाब किसान यूनियन के महासचिव का. गुरनाम सिंह भिखी, जम्हूरी किसान सभा के अध्यक्ष डाॅ सतनाम सिंह अजनाला, भाकियू (चढूनी) के नेता गुरनाम सिंह चढूनी, भाकियू (असली) के अध्यक्ष चौ. हरपाल बिलारी, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन से का. सत्यवान, एआईयूकेएस के अध्यक्ष विमल त्रिवेदी, किसान कांग्रेस से प्रबल प्रताप शाही, बीकेयू, दिल्ली से दलजीत सिंह, बीकेयू, धकौन्दा बुर्जगिल से लछमन सिंह, एआइकेएमएस से धरमपाल, बीकेयू (उगराहां) से कंवलजीत, केकेयू से अर्जुन सिंह, एआइएसकेएस से आरएस डालर, न्यू पेंशन स्कीम आन्दोलन के नेता डीएन सिंह, जनकवि कृष्ण कुमार निर्माेही और गायक अजमेर सिंह अकलिया भी शामिल थे.
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की ओर से भेजे गए शोक संदेश में कहा गया – ‘का. प्रेम सिंह गहलावत SKM के सहयोगी संगठन किसान महासभा के एक प्रिय साथी नेता भी थे, संयुक्त किसान आंदोलन में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने अपना जीवन किसानों, मजदूरों और शोषितों के हितों के लिए समर्पित कर दिया था. वे साम्राज्यवादी नीतियों, सांप्रदायिक ताकतों और किसान-विरोधी एजेंडे के खिलाफ एक निडर आवाज थे. किसान समुदाय के संघर्षों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और किसान संगठनों की एकता को मजबूत करने में उनकी भूमिका आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी.’
अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) की ओर से महासचिव रावुला वेंकय्या ने अपने शोक सन्देश में कहा – ‘साथी गहलावत केवल AIKM के नेता ही नहीं थे; वे एक पक्के साथी-सैनिक थे, जिन्होंने AIKS के साथ मिलकर काम किया और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के ऐतिहासिक संघर्षों में हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे. किसानों तथा श्रमिक वर्ग के अधिकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत थी.’
AIKS के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हन्नान मोल्लाह ने कहा – ‘हम तीस से ज्यादा सालों से किसान और कृषि आंदोलनों में साथ काम कर रहे थे. हमने भूमि अधिकार आंदोलन, AIKSCC और संयुक्त किसान मोर्चा में साथ काम किया. उनका निधन किसान और लोकतांत्रिक आंदोलनों के लिए एक बड़ी क्षति है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत नुकसान भी है.’
क्रांतिकारी किसान यूनियन ने अपने शोक-संदेश में कहा – ‘उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों, मजदूरों और मेहनतकश जनता के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया. उनका संघर्षशील व्यक्तित्व, सादगी, संगठन क्षमता और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी.’
ऑल इण्डिया किसान खेत मजदूर संगठन और एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) की ओर से का. सत्यवान ने कहा कि कामरेड प्रेम सिंह संयुक्त किसान मोर्चा के शीर्ष नेताओं में से एक थे जो एआईकेएससीसी के दिनों से किसान आन्दोलन के निर्माण व संचालन में अविराम कारगर भूमिका निभाते आ रहे थे. उनके निधन से देश के किसान आन्दोलन ने अपना एक प्रखर, साहसी व अग्रगामी नेता और हमने अपने एक मित्र को खो दिया है.’
एआईयूकेएस अध्यक्ष विमल त्रिवेदी ने कहा कि उनकी मृत्यु से किसानों और मेहनतकश जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष को गहरी क्षति हुई है. संयुक्त किसान मोर्चा में उनके योगदान को हम हमेशा याद रखेंगे.
एआइकेएमएस के नेता का. धरमपाल ने कहा कि एआईकेएससीसी के दिनों और उसकी यात्राओं से लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के विकास तक, वे न केवल एआईकेएम के पक्षों का दृढ़ता से प्रतिनिधित्व करते थे, बल्कि विभिन्न संगठनों द्वारा लिए गए पक्षों का प्रासंगिक, अक्सर विषयांतर करते हुए भी, विश्लेषण प्रस्तुत करते थे, जो सभी के लिए विचार का विषय बन जाता था. केकेयू के कामरेड अर्जुन सिंह ने भी संयुक्त संघर्षों में उनके योगदान को याद किया.
किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धावले, महासचिव, विजू कृष्णन, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पी कृष्ण प्रसाद, अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के अध्यक्ष राजन क्षीरसागर, सीपीआइ एमएल (मास लाइन) के महासचिव प्रदीप ठाकुर, अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) के महासचिव डाॅ. आशीष मित्तल, बीकेयू (डकौंडा, पंजाब) राष्ट्रीय महासचिव शंकर घोष, ऑल इण्डिया किसान खेत मजदूर संगठन के जयकरण मांडौठी, AIKKMS के अध्यक्ष डाॅ. दर्शन पाल, क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी राजेन्द्र, किसान मजदूर परिषद.के अफलातून, समाजवादी जन परिषद के अशोक बैठा, किसान संग्राम समिति उत्तर प्रदेश के महामंत्री सत्यदेव पाल, आदि किसान नेताओं ने किसान महासभा के पास अपने शोक संदेश भेजे और किसान मजदूर आंदोलनों में का. प्रेमसिंह गहलावत के योगदान को याद किया.
कार्यक्रम का संचालन करते हुए का. पुरुषोत्तम शर्मा ने कामरेड प्रेमसिंह गहलावत के राजनीतिक सफर पर विस्तार से रखा. कार्यक्रम का समापन करते हुए का. राजा राम सिंह ने कामरेड प्रेमसिंह गहलावत के साथ काम करते हुए बीते 38 वर्षों के कई संस्मरण सुनाए. कहा कि प्रेमसिंह गहलावत विचारधारा से पक्के कम्युनिस्ट, साहसी और निडर नेता थे. वे कठिन से कठिन काम की जिम्मेदारी खुद लेते थे. अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए रात-दिन एक कर देना उनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा था. हमारी पार्टी, किसान महासभा, एआइकेएससीसी और सयुंक्त किसान मोर्चा के सभी बड़े आयोजनों में वे केन्द्रीय भूमिका में रहे.