वर्ष 35 / अंक - 20 / शराब का विरोध कर रही महिलाओं पर दमनचक्र

शराब का विरोध कर रही महिलाओं पर दमनचक्र

शराब का विरोध कर रही महिलाओं पर दमनचक्र

पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील अवस्थित बूंदीभूड में शराब की दुकान खोलने के खिलाफ महिलाएं 15 अप्रैल 2026 से ही धरना-प्रदर्शन व विरोध कर रही है. इस सम्बन्ध मे गांव की महिलाओं ने 17, 20 व 24 अप्रैल को तीन बार पीलीभीत जाकर जिलाधिकारी से गांव मे शराब की दुकान न खोलने की मांग कर चुकी हैं. जिलाधिकारी ने महिलाओं को दूकान की जगह बदलने का आश्वासन भी दिया था, परन्तु 7 मई को पुलिस प्रशासन व आबकारी के लोग जब वहां पहुंचे तो उन्होंने उसी स्थान पर जबरन दुकान खुलवाने का प्रयास किया. वहां महिलाओ ने उनका विरोध किया और विवाद बढ़ता चला गया.

भाकपा(माले) के दो सदस्यीय जांच दल ने बूंदीभूड का दौरा कर वहां महिलाओं व ग्रामीणों से मुलाकात की.जांच दल की तरफ से जारी बयान में पार्टी के जिला प्रभारी अफरोज आलम ने कहा कि बूंदीभूड मे महिलाएं सिर्फ यही मांग कर रही थी कि उनके गांव मे शराब की दुकान न खुले और शराब के चलते घर व गांव मे बर्बादी न आये. इस सम्बन्ध में वहां महिलाएं पिछले 22 दिनों से आन्दोलन कर रही थी. तीन बार जिलाधिकारी से भी मिली मगर उसके बाद भी शराब दुकान खुलवाने के लिए महिलाओं पर लाठीचार्ज करना शर्मनाक है. यह घटना बताती है कि भाजपा राज मे महिला वंदन, सिर्फ दिखावा है. असल में भाजपा सरकार सबसे ज्यादा महिला विरोधी है.

जांच दल ने बताया कि लाठी चार्ज मे 10 महिलाएं घायल हुई हैं. उन पर तहसीलदार समेत पुरूष पुलिस कर्मियों ने भी लाठी चार्ज किया है. घायल महिलाओं का न तो कोई इलाज कराया गया, और न ही उनकी बात सुनी गयी. हद तो यह है कि शराब की दुकान खोलने का विरोध करने पर बूंदीभूड मे महिलाओं पर अब मुकदमा भी लगा कर उन्हें सबक सिखाने का काम हो रहा है.

भाकपा(माले) जांच दल ने बूंदीभूड मे महिलाओं पर केस दर्ज करने व लाठीचार्ज करने का सख्त विरोध करते हुए बूंदीभूड से शराब की दुकान को अविलंब हटाने, महिलाओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने, महिलाओं पर लाठीचार्ज करने वाले जिम्मेदार पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग की.

शराब की दुकान के विरोध मे आन्दोलनरत महिलाओं के ऊपर पुलिस -प्रशासन द्वारा 7 मई  को किये गये बूंदीभूड मे लाठीचार्ज व उन पर दर्ज किये गये मुकदमे के विरोध में में 9 मई 2026 को भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने  जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अफरोज आलम ने कहा कि बूंदीभूड की महिलाएं एक जायज मांग कर रही हैं. बूंदीभूड मे जो शराब की दुकान खोली गयी है वह दलितों-पिछड़ों को नशे का आदी बनाने की योगी सरकार की मंशा के तहत है. योगी सरकार के लिए शराब की दुकान महिलाओं के मान-सम्मान से भी बढ कर है. नहीं तो एक शराब की दुकान के लिए महिलाओं पर लाठीचार्ज करने व उन पर मुकदमा दर्ज करने की बात समझ से परे है.

उन्होंने कहा सरकार बूंदीभूड से महिलाओं के उठे शराब विरोधी आन्दोलन से डरी हुई है कि यह कही गांव-गांव शराब के खिलाफ जन आन्दोलन में न बदल जाये. विदित हो कि योगी सरकार ने जहां गांव-गांव सरकारी स्कूल बंद करवा दिए हैं, वहीं व्यापक पैमाने पर शराब की दुकानें खुलवाई है. इसके खिलाफ जन मानस में भारी आक्रोश है.

प्रदर्शन के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एडवोकेट किशनलाल, पूरनपुर ब्लाॅक सचिव देवीदयाल, जिला कमेटी सदस्य एडवोकेट शम्स विकास, मनोहरलाल तथा शिवानी, संदीप वर्मा, गोपाल मिश्रा, ईश्वर दयाल आदि की अगुआई में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया गया.

भाकपा(माले) नेताओं ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलने पीलीभीत आ रही बूंदीभूड की महिलाओं को प्रशासन द्वारा मझोला मे रोक देने की निन्दा करते हुई इसे तानाशाही बताया और ज्ञापन देने के बाद भाकपा(माले) नेताओं ने मझोला जाकर पुलिस द्वारा वहां रोकी गयी बूंदीभूड से आयी  महिलाओं से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि भाकपा(माले) उनके साथ है और मांगे पूरी नहीं हुईं तो पार्टी बढा आन्दोलन खड़ा करेगी.


16 May, 2026