वर्ष 35 / अंक - 36 / कामरेड शशि प्रसाद झा को लाल सलाम!

कामरेड शशि प्रसाद झा को लाल सलाम!

कामरेड शशि प्रसाद झा को लाल सलाम!

कामरेड शशि प्रसाद झा (93 वर्ष) का 4 अगस्त को भागलपुर में निधन हो गया. रात में उनकी तबियत बिगड़ गयी थी, सुबह में उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तब से वे वेंटिलेटर पर थे. का. प्रदीप झा जो उनके पुत्र भी हैं, ने यह नोट भेजा है.

कामरेड शशि प्रसद झा अपने छात्र जीवन से ही मार्क्सवाद से प्रभावित थे और अविभाजित सीपीआई के अंशकालिक कार्यकर्ता थे. उन्होने पटना सायंस काॅलेज से वनस्पति शास्त्र में एमएससी किया था. कुछ सालों तक वहीं काम करने के बाद उस दौर की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा संस्था जिला स्कूल में जीव विज्ञान के शिक्षक बने. उन्होंने दरभंगा, दुमका और चाईबासा के जिला स्कूलों में और अंततः बांका के स्कूल में अध्यापन का कार्य किया. जीवविज्ञान के शिक्षक होने के बावजूद फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित पर भी उनकी उतनी ही पकड़ थी. इसी वजह से वे स्कूल के सर्वाधिक सम्मानित शिक्षक थे.

जब मैंने होश संभाला उस समय वे दरभंगा में थे और अविभाजित भाकपा(माले) के अत्यंत सक्रिय समर्थक थे. हमारा घर बेहतरीन शेल्टर था जहां सत्यनारायण सिंह, तूफान चंद्र जोश, उमाधर सिंह का लगातार आना जाना होता था.  पार्टी में जब टूट-फूट का दौर शुरू हुआ तो वे निष्क्रिय हो गये. बाद में दुमका में आने के बाद 1978 से वे सीपीएम में शामिल हो गये. महासंघ में विभाजन के बाद गोप गुट को आईपीएफ की धारा के साथ संयुक्त करने में उनकी अहम भूमिका रही थी, वे खुद हमारी पार्टी के सदस्य बने और महासंघ (गोप गुट) के कार्यकर्ताओं को भी पार्टी का सदस्य बनाया. आखिरी सांस लेने तक वे पार्टी के सदस्य बने रहे, हालांकि अंतिम वर्षाे में अत्यंत खराब स्वास्थ्य की वजह से वे किसी कार्यक्रम में शरीक नहीं हो पा रहे थे.

– प्रदीप झा

05 September, 2026