वर्ष 35 / अंक - 36 / आकृति चौधरी की रिहाई के आदेश से सरकारी झूठ का पर्द...

आकृति चौधरी की रिहाई के आदेश से सरकारी झूठ का पर्दाफाश हुआ

आकृति चौधरी की रिहाई के आदेश से सरकारी झूठ का पर्दाफाश हुआ

नोएडा मजदूर आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता व छात्रा आकृति चौधरी पर से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) हटाने, उन्हें रिहा करने और मुआवजा देने के इलाहाबाद हाइकोर्ट के आदेश से योगी सरकार के झूठ का पर्दाफाश हुआ है.

हाइकोर्ट ने दिल्ली विवि की पूर्व छात्रा आकृति जो नुक्कड़ नाटक कर्मी भी हैं, को गलत आरोपों में फंसाने और मनमाने तरीके से रासुका जैसे कठोर कानून लगाने से नाराज होकर उन्हें पांच लाख रुपया मुआवजा देने का आदेश भी दिया है, जो जिलाधिकारी के वेतन से दिया जाएगा. यह योगी सरकार के मुंह पर जोरदार तमाचा है. यह सरकार को अपनी गिरेबान में झांकने की हिदायत जैसा है.

आकृति चौधरी के साथ लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी सत्यम वर्मा पर भी नोएडा मजदूर आंदोलन से जुड़े फर्जी आरोपों के तहत रासुका लगाया गया था. बुधवार के हाइकोर्ट के आदेश के आलोक में वर्मा पर से भी रासुका हटाकर उन्हें रिहा किया जाना चाहिए.

उम्मीद है कि सरकार उच्चतम व उच्च न्यायपालिका के उक्त आदेशों से सबक लेकर सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करेगी और मजदूरों-किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं की जासूसी करने और उनके निजी डेटा जुटाने से भी कदम पीछे खिंचेगी.


05 September, 2026